भक्तिकाल के प्रमुख संतों में से एक प्रसिद्ध कवि चैतन्य महाप्रभु का संक्षिप्त परिचय :-
____मुक्ति सूत्र _____
कृष्ण केशव, कृष्ण केशव, कृष्ण केशव, पाहियाम। राम राघव, राम राघव, राम राघव, रक्षयाम॥
चैतन्य महाप्रभु
संक्षिप्त परिचय :-
प्रसिद्ध नाम ~ चैतन्य महाप्रभु
बचपन का नाम ~ विश्वंभर
अन्य नाम ~ श्रीकृष्ण चैतन्य चन्द्र, निमाई, गौरांग, गौर हरि, गौर सुंदर
जन्म ~ 18 फ़रवरी सन् 1486 (फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि)
जन्म स्थान ~ नवद्वीप (नादिया), पश्चिम बंगाल
मृत्यु ~ सन् 1534
मृत्यु स्थान ~ पुरी, उड़ीसा
पिता का नाम ~ जगन्नाथ मिश्र
माता का नाम ~ शचि देवी
पत्नी ~ लक्ष्मी देवी और विष्णुप्रिया
कर्म भूमि ~ वृन्दावन
विषय ~ कृष्ण भक्ति
भक्ति ~ सगुण भक्ति
शिष्य ~ नित्यानंद प्रभु व अद्वैताचार्य महाराज
प्रसिद्धि / विशेष ~
◆ वैष्णवों मे गौड़ीय संप्रदाय की आधारशिला रखी।
◆ हरे-कृष्ण, हरे-कृष्ण, कृष्ण-कृष्ण, हरे-हरे। हरे-राम, हरे-राम, राम-राम, हरे-हरे॥
यह 18 शब्दीय (32 अक्षरीय) कीर्तन तारकब्रह्ममहामंत्र नामक महामंत्र उनकी ही देन है।
◆ चैतन्य सगुण भक्ति के कवि थे।
◆ 'चैतन्य भागवत' और 'चैतन्य चरितामृत' महाप्रभु चैतन्य पर लिखें गये ग्रन्थ है।
◆ श्री प्रभुदत्त ब्रह्मचारी द्वारा लिखित 'श्री श्री चैतन्य-चरितावली' को गीता प्रेस गोरखपुर ने प्रकाशित की है।

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